कटनी: विकास की वेदी पर चढ़ रहा आम आदमी! सागर पुल पर सिविल लाइन कार्य ने लगाया ‘महाजाम’, घंटों फंसी रही फायर ब्रिगेड
कटनी | नगर के विकास के लिए डाली जा रही सिविल लाइन अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। आज मिशन चौक स्थित सागर पुल पर सिविल लाइन के कार्य के चलते शहर ने जाम का वो रौद्र रूप देखा, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी। कई घंटों तक चले इस ट्रैफिक जाम ने न केवल राहगीरों के पसीने छुड़ा दिए, बल्कि आपातकालीन सेवाओं को भी बंधक बना लिया।
जब ‘जिंदगी’ की राह में रोड़ा बना जाम
जाम का सबसे खौफनाक मंजर तब दिखा जब एक फायर ब्रिगेड (दमकल वाहन) सायरन बजाते हुए निकलने की कोशिश करती रही, लेकिन उसे रास्ता देने की जगह भी सड़क पर शेष नहीं थी। सवाल यह उठता है कि यदि यह दमकल किसी बड़ी आगजनी को बुझाने जा रही होती और देरी के कारण जन-धन की हानि होती, तो इसका जवाबदार कौन होता?
पुलिस और प्रशासन की ‘मौन’ भूमिका
इस संकट की स्थिति में सबसे ज्यादा निराशाजनक पुलिस प्रशासन का रवैया रहा। मिशन चौक जैसे व्यस्ततम इलाके में घंटों जाम लगा रहा, लेकिन यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस बल का कोई भी जिम्मेदार चेहरा मौके पर नजर नहीं आया। ऐसा जान पड़ता है कि ठेकेदार को काम सौंपने के बाद प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हैं।
शहरवासियों की बढ़ती मुसीबतें
सिविल लाइन के अधूरे और बेतरतीब निर्माण कार्य ने कटनी वासियों का घर से निकलना दूभर कर दिया है:
- घंटों का इंतजार: दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग जाम में फंसकर बिलबिलाते नजर आए।
- धूल और गंदगी: सड़क की खुदाई से उड़ती धूल ने रहवासियों का स्वास्थ्य खतरे में डाल दिया है।
- प्रबंधन का अभाव: निर्माण स्थल पर सुरक्षा संकेतकों और वैकल्पिक रास्तों का कोई इंतजाम नहीं है।
सत्य संवाद की तीखी टिप्पणी
विकास जरूरी है, लेकिन जनता की सुरक्षा और सुविधा की कीमत पर नहीं। आखिर क्यों सिविल लाइन के कार्यों के दौरान पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी दिखती है? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेगा?
सत्य संवाद समाचार जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग करता है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुचारू यातायात सुनिश्चित किया जाए और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
ब्यूरो रिपोर्ट: [टीम सत्य संवाद] सत्य संवाद समाचार – हम दिखाएंगे आईना, चाहे सच कितना भी कड़वा हो।

