अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने में पीछे न रहे पुलिस: सीएम डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश, MP में लागू होगा ‘अन्वेषण भत्ता’
भोपाल: मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा महिलाओं व कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई में पुलिस बिल्कुल पीछे न रहे। उन्होंने कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मियों को सदैव मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
🔍 जांच अधिकारियों को मिलेगा ‘अन्वेषण भत्ता’
बदलते दौर और नई चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपराधों की कड़ाई से जांच करने वाले विवेचना अधिकारियों को ‘अन्वेषण भत्ता’ देने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इसके लिए अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है।
इस भत्ते में निम्नलिखित खर्च शामिल होंगे:
- अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच और सुरक्षा व्यवस्था।
- साक्ष्य संकलन, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य संग्रह।
- अभियुक्त, गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन व न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च।
🛡️ महिला सुरक्षा और सायबर अपराधों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि शिक्षा केंद्रों (स्कूल-कॉलेज) के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
- सायबर सुरक्षा में AI का मुकाबला: सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दुरूपयोग को रोकने के लिए राज्य सायबर सेल में आईटी कंसल्टेंट और विशेषज्ञों की सेवाएं प्राथमिकता से ली जाएंगी।
- सेफगार्ड एमपी प्रणाली: बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में पहली बार एआई (AI) का प्रयोग कर ‘सेफगार्ड एमपी प्रणाली’ लागू करने पर चर्चा की गई।
🎡 सिंहस्थ-2028 के लिए तैयार होगी स्थायी अधोसंरचना
आगामी सिंहस्थ-2028 को लेकर बैठक में भीड़ प्रबंधन, यातायात, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर सहित अन्य देव स्थानों की व्यवस्थाओं को तात्कालिक बनाने के बजाय स्थायी अधोसंरचना (Permanent Infrastructure) के रूप में विकसित किया जाए, ताकि उनका महत्व हमेशा बना रहे।
👍 गृह विभाग और पुलिस के इन प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने हाल ही में बसंत पंचमी और भोजशाला प्रसंग के दौरान पुलिस बल की सजगता की सराहना की। इसके अलावा उन्होंने गृह विभाग की निम्नलिखित पहलों को सराहा:
- नक्सल मुक्ति व प्रशिक्षण: राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के प्रयास और आपदा मित्रों का प्रशिक्षण।
- ध्वनि व कानून नियंत्रण: खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि वाले लाउडस्पीकरों पर नियंत्रण की निरंतर निगरानी।
- पुलिस भर्ती बोर्ड: मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल।
- विशेष सुरक्षा बल: काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (CTG) की संरचना में वृद्धि और ATS, STF व हॉक फोर्स जैसी विशिष्ट इकाईयों के लिए उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से क्षमता संवर्धन।
- मोबाइल यूनिट: जिला स्तर पर ‘सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई’ का संचालन और वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात कर्मियों को विशेष भत्ता देना।
– विशेष रिपोर्ट, सत्य संवाद।

