सत्य संवाद विशेष रिपोर्ट

​भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की चिंता बढ़ा देने वाली खबर सामने आई है। अब तक केवल बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ को ही स्वाइन फ्लू का मुख्य लक्षण माना जाता था, लेकिन राज्य में मरीजों के अंदर कई नए और चौंकाने वाले लक्षण देखने को मिल रहे हैं।

​सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि संक्रमण अब मरीजों के हृदय (हार्ट) की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है।

​ग्वालियर में दिखे गंभीर लक्षण: धीमी पड़ी दिल की धड़कन

​ग्वालियर से सामने आए कुछ मामलों में मरीजों के अंदर सांस संबंधी परेशानियों के अलावा ये लक्षण दर्ज किए गए हैं:

    • ​ब्रैडीकार्डिया (Bradycardia): दिल की धड़कन (हार्ट बीट) का सामान्य से काफी कम होना।
    • ​ऑक्सीजन लेवल में उतार-चढ़ाव: बिना किसी भारी शारीरिक श्रम के ऑक्सीजन सैचुरेशन का अचानक गिरना।
    • ​अत्यधिक कमजोरी व चक्कर: धड़कन धीमी होने के कारण मरीजों को लगातार चक्कर और बेहद कमजोरी महसूस होना।

​”वायरल संक्रमण के दौरान शरीर में कमजोरी होना आम बात है, लेकिन यदि पल्स रेट 60 से नीचे जाने लगे और मरीज को लगातार चक्कर आएं, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ऐसे मामलों में पल्स रेट, ऑक्सीजन स्तर और वाइटल संकेतों की लगातार मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है।”

— डॉ. धीरज जैसवानी (हृदय रोग विशेषज्ञ)

 

​घरेलू इलाज पड़ सकता है भारी, डॉक्टरों की अपील

​विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य मौसमी फ्लू समझकर घर पर ही दवाइयां लेते रहते हैं। इससे बीमारी अंदर ही अंदर गंभीर रूप ले लेती है और संक्रमण हृदय तक असर करने लगता है।

​सत्य संवाद की अपील:

    • ​किसी भी प्रकार का बुखार, कमजोरी या चक्कर आने पर खुद से दवा न लें।
    • ​यदि पल्स रेट या धड़कन में असामान्य बदलाव महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टर से परामर्श लें।
    • ​घर के बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की पल्स-ऑक्सीमीटर से नियमित जांच करते रहें।