कटनी: CM हेल्पलाइन पर महीनों से भटक रही सड़क मरम्मत की गुहार, ‘लोक निर्माण’ और ‘नगर निगम’ के चक्कर में उलझी जनता
कटनी (सत्य संवाद ब्यूरो): मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाई जा रही सीएम हेल्पलाइन (181) जमीनी स्तर पर अधिकारियों की आपसी खींचतान और सुस्ती का शिकार होती नजर आ रही है। ताजा मामला कटनी जिले के वार्ड क्रमांक 16 (रफ़ी अहमद किदवई वार्ड) का है, जहाँ एक मुख्य सड़क पिछले कई महीनों से जर्जर हाल में है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल कागजी खानापूर्ति और शिकायत को एक-दूसरे के पाले में फेंकने में व्यस्त हैं।
हादसों को न्योता दे रही मुख्य सड़क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटनी के जागृति कॉलोनी (शहडोल मेन रोड) निवासी विकास जैसवाल ने गत 1 मई 2026 को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत (क्रमांक: 38091012) दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि मेन रोड की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि यहाँ से गुजरने वाले राहगीर आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आवागमन बेहद असुविधाजनक और खतरनाक हो गया है, लेकिन नगर निगम प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विभागों के बीच ‘फुटबॉल’ बनी शिकायत
शिकायत दर्ज होने के बाद से अब तक का घटनाक्रम सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है:
- 23 मई 2026: शिकायत की जाँच के बाद अधिकारियों ने पाया कि यह सड़क दुर्गा चौक पेट्रोल पंप स्थित मुख्य मार्ग है, जो कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आती है। इसके बाद फाइल नगर निगम से PWD को भेजी गई।

- 08 जून 2026: लगभग दो सप्ताह बाद, लोक निर्माण विभाग ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि यह शिकायत उनके विभाग से संबंधित नहीं है, बल्कि नगर निगम कटनी के अंतर्गत आती है, और इसे दोबारा नगर निगम को ट्रांसफर करने का अनुरोध कर दिया गया।
इस विभागीय रस्साकशी के बीच शिकायत 1 मई से लेकर 16 जून 2026 तक सिर्फ L1 स्तर के अधिकारियों के बीच ही घूमती रही, लेकिन धरातल पर सड़क मरम्मत का कोई काम शुरू नहीं हुआ।
आवेदक परेशान, समय-सीमा ताक पर
शिकायतकर्ता विकास जैसवाल ने 9 जून और फिर 16 जून को बार-बार रिमाइंडर देते हुए अधिकारियों से गुहार लगाई है कि समस्या को लंबा समय बीत चुका है और वे बेहद परेशान हैं। उन्होंने अधिकारियों से समय-सीमा का ध्यान रखते हुए इसका जल्द से जल्द निराकरण करने की मांग की है。 वर्तमान स्थिति (स्टेटस) के अनुसार, शिकायत अभी भी निराकरण अधिकारी (L1) के पास ही लंबित है और केवल प्रगति विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।
‘सत्य संवाद’ का सवाल: क्या कटनी नगर निगम और लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? जब मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान हो, तो अधिकारी महीनों तक फाइल को एक टेबल से दूसरी टेबल पर क्यों घुमा रहे हैं?

