कटनी एसपी की निष्पक्षता के घेरे में: क्या पुलिस ही बन गई है भक्षक?
कटनी। शहर के इंदिरा नगर, कुठला में हुए लाठीचार्ज मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘सत्य संवाद समाचार’ इस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाकर जनता की आवाज़ उठा रहा है।
कुठला लाठीचार्ज: पीड़ितों पर ही केस, न्याय कहाँ?
हैरानी की बात यह है कि लाठीचार्ज में घायल हुए बारातियों और घरातियों को न्याय मिलने के बजाय, पुलिस ने उल्टा उन्हीं पर मामले दर्ज कर दिए हैं। घायल पक्ष अब दर-दर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन खाकी की चुप्पी टूटने का नाम नहीं ले रही।
एडवोकेट अनिल सिंह सेंगर ने उठाए तीखे सवाल
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक और एडवोकेट अनिल सिंह सेंगर ने इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने निम्नलिखित अनुत्तरित प्रश्न दागे हैं:
दोषी पुलिसकर्मियों पर मेहरबानी क्यों? लाठीचार्ज करने वाली पूरी टीम में से केवल दो ASI को ही लाइन अटैच क्यों किया गया? बाकी दोषियों पर गाज कब गिरेगी?
थाना प्रभारी की जवाबदेही: कुठला थाना प्रभारी की जिम्मेदारी अब तक तय क्यों नहीं की गई? क्या उन्हें पद से हटाया जाएगा?
प्राइवेट पुलिस का काला सच: सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि कुठला थाना प्रभारी को “प्राइवेट पुलिस” रखने का अधिकार किसने दिया? लाठीचार्ज में शामिल उन बाहरी (प्राइवेट) लोगों पर FIR कब दर्ज होगी?
यातायात थाना प्रभारी का मामला: मुख्यालय के निर्देश भी बेअसर!
अनिल सिंह सेंगर ने एक और पुराने मामले को उजागर करते हुए बताया कि यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडे की बिना अनुमति थाईलैंड यात्रा पर पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, एसपी कटनी ने अब तक इस पर चुप्पी साध रखी है। आखिर इन अधिकारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है?
सत्य संवाद समाचार की स्पष्ट मांग
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए।
दोषी पुलिसकर्मियों और “प्राइवेट पुलिस” चलाने वाले अधिकारियों पर तत्काल FIR हो।
पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और न्याय की गारंटी मिले।
जनता का सवाल: क्या कटनी पुलिस वाकई पीड़ितों को न्याय देगी, या वर्दी की आड़ में अपनों को ही संरक्षण दिया जाता रहेगा?
ब्यूरो रिपोर्ट: सत्य संवाद समाचार

