
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: कौन है पुणे की शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे? जिसे CBI ने दिल्ली से किया गिरफ्तार
नई दिल्ली/पुणे:
नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सीबीआई ने पेपर लीक की एक और ‘मास्टरमाइंड’ मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की सीनियर टीचर हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मनीषा मंधारे को पूछताछ के लिए 14 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है।
कौन हैं मनीषा गुरुनाथ मंधारे और क्या है आरोप?
मनीषा गुरुनाथ मंधारे पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में साल 2002 से पढ़ा रही हैं और महज 7 महीने बाद ही वह रिटायर होने वाली थीं।
- NTA की एक्सपर्ट कमेटी में थीं शामिल: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मनीषा मंधारे को नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया के लिए बतौर एक्सपर्ट (विशेषज्ञ) नियुक्त किया था। पिछले 5-6 सालों से वह एनटीए के लिए पेपर सेट करने का काम कर रही थीं।
- बायोलॉजी पेपर तक थी सीधी पहुंच: एक्सपर्ट पैनल में होने के कारण मनीषा के पास नीट परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी (Biology) के प्रश्न पत्रों की पूरी और सीधी पहुंच (Access) थी।
घर पर गुप्त कोचिंग चलाकर लीक किए प्रश्न
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि मनीषा मंधारे ने अपने इस पद और गोपनीयता का घोर दुरुपयोग किया:
- छात्रों को जुटाया: मनीषा मंधारे ने अप्रैल 2026 के दौरान पुणे की ही एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे (जो 14 मई को गिरफ्तार हो चुकी हैं) के जरिए ऐसे नीट परीक्षार्थियों को इकट्ठा किया जो पेपर लीक के लिए मोटी रकम देने को तैयार थे।
- सीक्रेट कोचिंग क्लास: इसके बाद मनीषा मंधारे ने अपने पुणे स्थित आवास पर इन चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष सीक्रेट कोचिंग क्लासेस चलाईं।
- हूबहू मैच हुए सवाल: इन कप्लस में उन्होंने बॉटनी और जूलॉजी के गोपनीय प्रश्नों को छात्रों को बोलकर लिखवाया (डिक्टेट किया) और उनकी कॉपियों व किताबों में टिक मार्क लगवाए। जब 3 मई को नीट की परीक्षा हुई, तो मंधारे द्वारा बताए गए अधिकांश प्रश्न वास्तविक प्रश्न पत्र से हूबहू मैच कर गए।
कड़ियों से कड़ियां जोड़ रही सीबीआई
जांच एजेंसी के मुताबिक, मनीषा मंधारे ने लीक किए गए प्रश्न पत्र आगे शुभम नाम के एक अन्य आरोपी को भी सौंपे थे। वह इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगना (Kingpin) और रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी के साथ मिलकर काम कर रही थीं। कुलकर्णी पहले ही सीबीआई की गिरफ्त में हैं।
सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे मामले में केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर लीक के मुख्य स्रोतों का पता लगा लिया गया है। इस नेटवर्क में शामिल बिचौलिए छात्रों से परीक्षा से पहले मोटी रकम वसूल रहे थे।
अब तक 9 गिरफ्तार, देशव्यापी छापेमारी जारी
नीट 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक देश के अलग-अलग शहरों जैसे दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके साथ ही देश के 6 से अधिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक स्टेटमेंट और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीबीआई अब इस रैकेट से जुड़े फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) पेपर लीक के इनसाइडर और पी.वी. कुलकर्णी के अन्य सहयोगियों की तलाश में पुणे और लातूर में छापेमारी कर रही है।
– ब्यूरो रिपोर्ट, सत्य संवाद समाचार।
