
स्थान: कटनी (मध्य प्रदेश)
ब्यूरो रिपोर्ट: सत्य संवाद
कटनी। स्थानीय श्री हरि गोविंद गौशाला में पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और गौवंश के स्वास्थ्य संवर्धन को समर्पित एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान परिसर में सघन पौधरोपण कार्यक्रम के साथ-साथ गौवंश के लिए निःशुल्क टीकाकरण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
गौवंश को मिलेगा प्राकृतिक और सुरक्षित वातावरण गौशाला प्रबंधन के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौमाताओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ और पूरी तरह से प्राकृतिक माहौल प्रदान करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए गौशाला परिसर में आम, आंवला, नींबू और मौलश्री जैसी विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया। आने वाले समय में ये वृक्ष बड़े होकर गौवंश को कड़कती धूप से राहत देने के लिए पर्याप्त छाया देंगे। साथ ही, इन औषधीय और फलदार पौधों से गौशाला का वातावरण अधिक शुद्ध, हरित और समृद्ध बनेगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए हुआ टीकाकरण पौधरोपण के साथ ही गौवंश को विभिन्न मौसमी और संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों की देखरेख में निःशुल्क टीकाकरण किया गया, जिससे उनके बेहतर स्वास्थ्य संवर्धन को सुनिश्चित किया जा सके।
विशिष्ट अतिथियों और गौसेवकों ने किया श्रमदान इस पुनीत कार्य में समाज के विभिन्न वर्गों का सराहनीय सहयोग देखने को मिला। उमरिया से विशेष रूप से पधारे वीरेंद्र सिंह ने अपने परिवार सहित कार्यक्रम में शिरकत की और फलदार पौधों का रोपण कर इस अभियान को गति दी। वहीं, हरि सिंह भदौरिया ने भी सपरिवार पौधरोपण कर समाज को पर्यावरण और गौसेवा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति श्री हरि गोविंद गौशाला के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों और सक्रिय गौसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर संदीप नगरिया, सचिन डांगरे, आकाश श्रीवास्तव, शिवम सिंह, राजू बंगाली, रामभरोसे, कल्लू दादा, अरुण कोरी, प्रसून तिवारी, अभय गुप्ता, सचिन श्रीवास्तव सहित गौपालक दयाराम चौधरी और उनके परिवार ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
गौसेवकों का संकल्प: “गौसेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण” कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी गौसेवकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे इस पूरी गौशाला को अधिक से अधिक हरा-भरा बनाएंगे, ताकि गौमाताओं को सालभर प्राकृतिक छाया, स्वच्छ हवा और भरपूर मात्रा में हरा चारा मिल सके। “गौसेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण” के इसी पावन संदेश के साथ इस गरिमामयी कार्यक्रम का समापन हुआ।
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