*BREAKING NEWS*
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*कटनी न्यायालय से बड़ी खबर
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दस्तावेज 8 अगस्त 2026 का है और मामला विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, कटनी के समक्ष विचाराधीन है*
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*CSP पर लगाए गए लेने देन के आरोप बेबुनियाद*
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*बेबुनियाद आरोपों के साथ दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ संघर्ष करती रही CSP नेहा पच्चीसिया*
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*सत्यमेव जयते*
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*कोर्ट ने आरोपी की डिफॉल्ट बेल किया निरस्त। आरोपी पर गवाहों एवं अभियोजन पक्ष को प्रभावित करने का लगा आरोप*
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*कोर्ट ने आरोपी आकाश लोधी को 10 दिनों के अंदर सरेंडर करने का दिया आदेश।*
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कटनी। कुठला थाना क्षेत्र के अपराध क्रमांक 271/2026 से जुड़े मामले में आरोपी आकाश उर्फ गोलू लोधी की जमानत को लेकर विशेष न्यायालय में चल रही सुनवाई में गंभीर आरोप सामने आए हैं। मृतक की माता और प्रकरण की फरियादी कल्लू बाई की ओर से न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया गया कि जमानत का लाभ मिलने के बाद आरोपी द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने और उन्हें धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
फरियादी पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि आरोपी को पूर्व में डिफॉल्ट बेल का लाभ मिला था। इसके बाद आरोपी और उसके साथियों द्वारा फरियादी पक्ष को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने तथा अभियोजन साक्षियों को प्रभावित करने के प्रयास की बात सामने आई। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और उसकी जमानत निरस्त किए जाने की मांग की गई।
दस्तावेज के मुताबिक, फरियादी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की ओर से मृतक की माता को प्रभावित करने के लिए धनराशि देने का प्रस्ताव रखा गया। एक आवेदन में दो हजार रुपये की धनराशि दिए जाने का प्रस्ताव बताए जाने का उल्लेख है। वहीं बचाव पक्ष ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आरोपी के परिवार की ओर से किसी प्रकार की धनराशि देने या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास नहीं किया गया।
मामले में बचाव पक्ष की ओर से एक कथित पेन ड्राइव में उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग का भी न्यायालय के समक्ष उल्लेख किया गया। बचाव पक्ष ने इस रिकॉर्डिंग के आधार पर अपने पक्ष के तथ्यों को सही बताया, जबकि फरियादी पक्ष ने वीडियो की प्रमाणिकता और उसके आधार पर लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई।
न्यायालय के समक्ष यह भी तर्क रखा गया कि आरोपी को जमानत देते समय अभियोजन पक्ष के साक्षियों को प्रभावित नहीं करने की शर्त लगाई गई थी। न्यायालय ने जमानत आदेश और बाद में प्रस्तुत किए गए आवेदनों पर विचार करते हुए इस बात को महत्वपूर्ण माना कि जमानत की शर्तों के उल्लंघन का आरोप सामने आया है।
*10वें आवेदन पर न्यायालय का अहम आदेश*
दस्तावेज के अनुसार, आरोपी की जमानत निरस्त करने और उसे न्यायालय के समक्ष वापस प्रस्तुत करने की मांग को लेकर फरियादी पक्ष की ओर से आवेदन क्रमांक 10/2026 प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए आरोपी आकाश लोधी को आदेश दिया कि वह आदेश की तारीख से 10 दिनों के भीतर स्वयं न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर समर्पण करे।
न्यायालय ने मामले में अभियोजन साक्ष्य के लिए 14 अगस्त 2026 की तारीख तथा आरोपी आकाश लोधी को अभियिरक्षा में सौंपे जाने के संबंध में 18 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है।
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