कटनी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल: इमरजेंसी से डॉक्टर नदारद, डॉग बाइट का मरीज इलाज के लिए एक घंटे तक भटका
कटनी। जिला अस्पताल कटनी की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल एक बार फिर खुल गई है। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ताजा मामला तब सामने आया जब कुत्ते के काटने (डॉग बाइट) का शिकार हुए सतीश सेन नाम के मरीज करीब एक घंटे तक अस्पताल में भटकते रहे, लेकिन उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल सका।
पर्ची कटवाकर भटकता रहा पीड़ित
जानकारी के अनुसार, पीड़ित सतीश सेन ने अस्पताल पहुंचकर ओपीडी की पर्ची तो बनवा ली, लेकिन इमरजेंसी वार्ड में कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात नहीं मिला। सतीश सेन डॉक्टर की तलाश में एक काउंटर से दूसरे काउंटर और वार्डों के चक्कर काटते रहे, पर उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।
स्टाफ की संवेदनहीनता: “बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं लगाएंगे इंजेक्शन”
इलाज में देरी होने पर जब परिजनों ने अस्पताल स्टाफ से गुहार लगाई, तो कर्मचारियों ने मदद करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। स्टाफ का स्पष्ट कहना था कि वे अपनी मर्जी से कोई भी इंजेक्शन नहीं लगा सकते। जब तक डॉक्टर पर्चे पर लिखकर नहीं देंगे, तब तक रेबीज या अन्य कोई भी टीका नहीं लगाया जाएगा।
इमरजेंसी में डॉक्टर गायब, उठ रहे गंभीर सवाल
इमरजेंसी सेवाओं का उद्देश्य ही मरीजों को तत्काल राहत पहुंचाना होता है, लेकिन कटनी जिला अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में ही डॉक्टर गायब हैं। एक तरफ शहर में आवारा कुत्तों का आतंक और हमले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल की यह घोर लापरवाही किसी भी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है।
पीड़ित सतीश सेन और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने और दोषी डॉक्टरों व लापरवाह स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

