क्रूरता की हद पार! सरपंच ने की महिला से बदसलूकी, मदद मांगने थाने पहुंचे पीड़ित परिवार को ही बरवाड़ा पुलिस ने बर्बरता से पीटा

क्रूरता की हद पार! सरपंच ने की महिला से बदसलूकी, मदद मांगने थाने पहुंचे पीड़ित परिवार को ही बरवाड़ा पुलिस ने बर्बरता से पीटा
  • न्याय के बदले मिला पुलिस का डंडा: पीड़ित महिला के ससुर को बेरहमी से पीटा, पति को भी नहीं बख्शा।
  • बरवाड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल, ‘सत्य संवाद’ की विशेष रिपोर्ट।

विशेष ब्यूरो, सत्य संवाद

बरवाड़ा:

​कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ाने वाला एक बेहद हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक तरफ प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ खाकी (पुलिस) का एक ऐसा क्रूर चेहरा सामने आया है जिसने इंसानियत को तार-तार कर दिया है। मामला बरवाड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां न्याय की गुहार लगाने गए एक पीड़ित परिवार को ही पुलिस की बर्बरता का शिकार होना पड़ा।

सरपंच की दबंगई और बदसलूकी:

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय सरपंच ने एक महिला के साथ सरेआम बदसलूकी और अमर्यादित व्यवहार किया। सरपंच की इस दबंगई और शोषण से आहत होकर पीड़ित महिला और उसका परिवार न्याय की उम्मीद लेकर स्थानीय बरवाड़ा थाने पहुंचा था। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस उनकी फरियाद सुनेगी और दोषी सरपंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, लेकिन थाने के भीतर जो हुआ वह रूह कंपा देने वाला था।

पीड़ित के ससुर और पति पर टूटा पुलिस का कहर:

थाने पहुंचे पीड़ितों की सुनने के बजाय बरवाड़ा पुलिस का रवैया बेहद असंवेदनशील और क्रूर रहा। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने पीड़िता के ससुर को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। बूढ़े ससुर को पुलिस ने इस कदर मारा कि देखने वालों की रूह कांप गई। इतना ही नहीं, जब महिला के पति ने बीच-बचाव करने और अपने पिता को बचाने की कोशिश की, तो पुलिस ने उस पर भी जमकर लाठियां बरसाईं।

सवालों के घेरे में खाकी:

इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि:

  1. ​क्या बरवाड़ा पुलिस पर किसी राजनीतिक रसूख या सरपंच का दबाव था, जिसके कारण उन्होंने पीड़ितों पर ही हमला कर दिया?
  2. ​जिस खाकी पर आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वह खुद शोषक क्यों बन गई?
  3. ​महिला उत्पीड़न के इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय पीड़ितों की आवाज को डंडे के दम पर दबाने की कोशिश क्यों की गई?

इलाके में आक्रोश, उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग:

इस घटना के बाद से स्थानीय जनता और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर भी लोग पुलिस की इस बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। ‘सत्य संवाद’ के माध्यम से पीड़ित परिवार ने पुलिस के आला अधिकारियों (एसपी और आईजी) से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और आरोपी सरपंच के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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