
सिंहस्थ 2028: तीन दशक बाद श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के प्रवाहमान और स्वच्छ जल में पुण्य स्नान का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के भव्य समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।
- दरभंगा की सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री मैथिली ठाकुर की सुगम संगीत संध्या ने बांधा समां।
- नदी जोड़ो अभियान और जल गंगा संवर्धन से संवर रही हैं प्रदेश की जल संरचनाएं।
भोपाल / उज्जैन:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि ‘सिंहस्थ-2028’ ऐतिहासिक और अभूतपूर्व होगा। आगामी सिंहस्थ में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित माँ शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का लाभ देंगे। लगभग छह दशकों (60 वर्ष) के लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका होगा जब श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान केवल माँ शिप्रा के ही स्वच्छ और निरंतर प्रवाहमान जल में स्नान कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ के गरिमामय समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान घाटों पर सजाई गई दीपमालिकाओं से पूरा माहौल दीपावली की तरह अद्भूत और पावन नजर आया।
श्रद्धालुओं की आकांक्षा को पूरा करेगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 के सिंहस्थ को याद करते हुए कहा कि उस समय श्रद्धालुओं को माँ नर्मदा के जल से स्नान की सुविधा मिली थी, लेकिन संतों और भक्तों की यही कामना थी कि उन्हें माँ शिप्रा के अपने जल में स्नान का पुण्य मिले। जनता की इसी धार्मिक आकांक्षा को पूरा करने के लिए सरकार ने पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं। बाबा महाकाल और पूज्य संतों के आशीर्वाद से सिंहस्थ-2028 में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे।
विरासत का संरक्षण और देश की गौरवशाली परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में ‘विकास के साथ विरासत’ का संरक्षण हो रहा है। हाल ही में आए अदालती फैसलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के नागरिक न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए आपसी सौहार्द और समरसता का परिचय दे रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण से लेकर धार की भोजशाला में माँ वाग्देवी की प्रतिमा स्थापना का मार्ग प्रशस्त होने तक, देश एक ‘स्वर्णकाल’ का गवाह बन रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल की तुलना सम्राट विक्रमादित्य के जन-कल्याणकारी शासन से की।
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल स्रोतों का कायाकल्प
पर्यावरण और जल संरक्षण पर बात करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए तीन माह से अधिक के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत कुओं, तालाबों, नदियों और पोखरों के जीर्णोद्धार का कार्य जन-भागीदारी से किया गया है। नदी जोड़ो अभियान के क्रियान्वयन में आज मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
मैथिली ठाकुर की सुगम संगीत संध्या ने मोहा मन
समापन समारोह का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर (दरभंगा) की सुगम संगीत प्रस्तुति रही। उनके भजनों ने समारोह में उपस्थित जनसैलाब को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुश्री मैथिली ठाकुर का मध्यप्रदेश की धरती पर आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया।
ब्यूरो रिपोर्ट, शब्द संवाद समाचार
