कटनी में विस्फोटक इकाइयों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर: कलेक्टर के निर्देश पर पटाखा फैक्ट्रियों, मैगजीन और अमोनियम नाइट्रेट भंडारों की सघन जांच शुरू
कटनी।
जिले में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमले ने जिले में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों, विस्फोटक मैगजीन और अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण स्थलों पर अपनी निगरानी बेहद सख्त कर दी है।
हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, कलेक्टर के विशेष आदेश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में विस्फोटक सामग्री का निर्माण, भंडारण और परिवहन पूरी तरह से निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत ही किया जा रहा हो।
जांच के दायरे में ये मुख्य बिंदु:
- सुरक्षा मानकों का पालन: फैक्ट्रियों और गोदामों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और आपातकालीन निकास की व्यवस्था।
- स्टॉक का सत्यापन: स्वीकृत क्षमता से अधिक विस्फोटक या अमोनियम नाइट्रेट का भंडारण तो नहीं किया जा रहा है, इसकी बारकी से जांच।
- दस्तावेजों और लाइसेंस की समीक्षा: सभी संबंधित इकाइयों के वैध लाइसेंस और लॉग-बुक का मिलान।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी भी विस्फोटक इकाई या पटाखा फैक्ट्री में नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन से लेकर फैक्ट्री को सील करने और कानूनी मुकदमा दर्ज करने तक के कड़े कदम शामिल हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से अवैध रूप से विस्फोटक का कारोबार करने वाले और नियमों को ताक पर रखने वाले तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।
– ब्यूरो रिपोर्ट, सत्य संवाद समाचार

