800 किमी पदयात्रा के बाद जयपुर में गर्जी करणी सेना: UGC नियम-2026 वापस लेने की मांग पर बवाल,
सत्य संवाद
जयपुर / राजस्थान
विशेष संवाददाता
जयपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए रेगुलेशन 2026 के खिलाफ श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और सवर्ण समाज ने जोरदार हल्ला बोला है। सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों पर विराम लगाते हुए संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन समान नागरिक संहिता (UCC) के खिलाफ नहीं, बल्कि UGC के नए नियमों को पूरी तरह रद्द कराने (Rollback) के लिए है।
800 किलोमीटर की सवर्ण न्याय यात्रा का शक्ति प्रदर्शन
बीकानेर से शुरू हुई 800 किलोमीटर की लंबी ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ का समापन 3 अगस्त 2026 को जयपुर में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन के साथ हुआ। हजारों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट और भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की।
बैरिकेड्स पर भिड़े कार्यकर्ता, चला वाटर कैनन
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। जब भीड़ कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ने लगी तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रण में करने और प्रदर्शनकारियों को पीछे खदेड़ने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछारों) और हल्के बल का प्रयोग किया।
आखिर क्यों हो रहा है UGC रेगुलेशन 2026 का विरोध?
करणी सेना और सवर्ण समाज के नेताओं का आरोप है कि UGC के नए प्रावधान सामान्य वर्ग के युवाओं के साथ अन्याय हैं। विरोध के मुख्य बिंदु:
- छात्रों के भविष्य पर असर: नए नियमों से सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के अवसरों में कमी आएगी।
- परिसरों में असंतुलन: उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक भेदभाव और तनाव बढ़ने की आशंका है।
करणी सेना ने साफ चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार और UGC ने इन नियमों को जल्द वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन केवल राजस्थान तक सीमित न रहकर पूरे देश में फैलाया जाएगा।
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