
शिकार के लिए बिछाए करंट से युवक की मौत, शव कुएं में फेंका: पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
कटनी (सत्य संवाद): जिले के कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत बडेरी भटिया जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से एक 18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना को छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने युवक के शव को जंगल में स्थित एक पुराने सूखे कुएं में फेंक दिया था। कुठला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले का पर्दाफाश कर सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह है पूरा मामला:
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त की रात ग्राम करहैया निवासी साहिल वासुदेव (18) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बाद में उसका शव कुएं से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत बिजली का करंट लगने से होने की पुष्टि हुई।
मर्ग जांच के दौरान साक्षियों से पूछताछ और संदेही प्रकाश कोल के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। 17 अगस्त की शाम प्रकाश कोल, रोशन कोल, रूपेश बर्मन और साजन बर्मन ने शिकार की योजना बनाई थी। बडेरी भटिया जंगल पहुंचकर आरोपियों ने लोहे के तार को खूंटियों के सहारे लगाकर पास से गुजर रही मुख्य बिजली लाइन से जोड़ दिया था।
सबूत छिपाने की कोशिश:
रात करीब 2 बजे जब आरोपी शिकार देखने पहुंचे, तो वहां साहिल वासुदेव करंट की चपेट में आकर मृत पड़ा मिला। घबराए आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए शव को उठाकर पास के ही एक सूखे कुएं में डाल दिया और वारदात में इस्तेमाल लोहे का तार शिव मंदिर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तार भी बरामद कर लिया है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार:
पुलिस ने मामले में कन्हवारा (थाना कुठला) निवासी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- राजकुमार उर्फ कुंचु उर्फ किश्शु कोल (27 वर्ष)
- रोशन कोल (25 वर्ष)
- रूपेश बर्मन (27 वर्ष)
- साजन बर्मन (22 वर्ष)
- प्रकाश कोल (32 वर्ष)
पुलिस ने थाना कुठला में अपराध क्रमांक 743/26, धारा 105 एवं 238(बी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक शिवा पाठक के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में की गई। टीम में उप निरीक्षक अनिल यादव, प्रधान आरक्षक ताहिर खान, रामेश्वर सिंह, अजय यादव, आरक्षक मनोज सिंह, विजय प्रजापति, बुद्धू कुमार और अभय यादव शामिल रहे।
