वंदे मातरम् अब राष्ट्रगान के बराबर: अपमान करने पर होगी जेल, मोदी कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

ऐतिहासिक निर्णय: अब ‘वंदे मातरम्’ को मिला राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के समान दर्जा

नई दिल्ली: राष्ट्र की अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली महत्वपूर्ण बैठक में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के समान दर्जा देने और उसे कानूनी संरक्षण प्रदान करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है।

📜 कैबिनेट के मुख्य निर्णय और संशोधन

​पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस बदलाव के बाद अब ‘वंदे मातरम्’ के प्रति भी वही नियम और मर्यादाएं लागू होंगी जो राष्ट्रगान के लिए अनिवार्य हैं।

  • समान अधिकार और मर्यादा: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर अब कानूनी कार्रवाई होगी।
  • सजा का प्रावधान: वर्तमान में जो दंड राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान के लिए निर्धारित हैं (जेल, जुर्माना या दोनों), वही अब वंदे मातरम् के अपमान पर भी लागू होंगे।

🔄 कार्यक्रमों के लिए नया प्रोटोकॉल

​सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में आयोजित होने वाले आधिकारिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में यदि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का प्रस्तुतीकरण होना है, तो निम्नलिखित क्रम का पालन अनिवार्य होगा:

    1. प्रथम: ‘वंदे मातरम्’ (राष्ट्रगीत) का गायन होगा।
    2. द्वितीय: ‘जन-गण-मन’ (राष्ट्रगान) की प्रस्तुति दी जाएगी।

“यह निर्णय राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने और उन अमर बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।”

 

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