मध्य प्रदेश में तेजी से पांव पसार रहा मौसमी और वायरल फीवर: जानें लक्षण, खतरे और बचाव के जरूरी उपाय

कटनी/भोपाल (सत्य संवाद): मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में बदलते मौसम के साथ ही वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज तेज बुखार, शरीर दर्द और सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय प्रदेश में वायरल फीवर, सीज़नल फ्लू, इन्फ्लूएंजा (H1N1), और श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाले वायरस (RSV) के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारियां भी सक्रिय हैं।

प्रमुख लक्षण: ऐसे पहचानें मौसमी बुखार

स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसमी संक्रमण की चपेट में आने पर मरीजों में निम्नलिखित लक्षण प्रमुखता से देखे जा रहे हैं:

  • तेज बुखार और कंपकंपी: शरीर का तापमान अचानक अत्यधिक बढ़ जाना और ठंड लगना।
  • सर्दी, खांसी और गले में खराश: लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी, नाक बहना और गले में खिचखिच होना।
  • अत्यधिक शारीरिक कमजोरी व जोड़ों का दर्द: मांसपेशियों, हाथ-पैर और शरीर के जोड़ों में तेज ऐंठन व दर्द होना।
  • सिरदर्द और आंखों में जलन: सिर भारी रहना, आंखों के पीछे दर्द और लालिमा महसूस होना।
  • पाचन तंत्र प्रभावित होना: कई मरीजों में जी मिचलाना, उल्टी और पेट खराब (दस्त) होने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।

डॉक्टरों की सलाह: सावधान रहें, खुद से दवा न लें

बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर सतर्क रहें:

  1. मेडिकल स्टोर से सीधे दवा न खरीदें: बिना चिकित्सीय परामर्श के मेडिकल स्टोर से खुद दवा (Self-Medication) या एंटीबायोटिक्स लेने से बचें। बुखार या कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल या योग्य डॉक्टर से जांच करवाएं।
  2. खान-पान का रखें विशेष ध्यान: भोजन में हल्का, ताजा और सुपाच्य आहार शामिल करें।
  3. पानी उबालकर पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में उबला हुआ या गुनगुना पानी पिएं।
  4. सफाई और मच्छर नियंत्रण: आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

सत्य संवाद की अपील: स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है। किसी भी प्रकार का बुखार महसूस होने पर झोलाछाप डॉक्टरों या मनमाफिक दवाओं के बजाय अधिकृत चिकित्सा केंद्र पर ही संपर्क करें और सुरक्षित रहें।

डॉक्टर मनीष सिंह