फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर ट्रकों से वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश; ‘सत्य संवाद’ की विशेष रिपोर्ट
जबलपुर/कटनी पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह को दबोचा है जो फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर सड़कों पर ट्रकों से अवैध वसूली का काला खेल खेल रहा था। यह गिरोह न केवल सरकारी तंत्र को चुनौती दे रहा था, बल्कि ट्रक चालकों में दहशत का पर्याय बना हुआ था।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी खुद को खनिज विभाग के बड़े अधिकारी बताकर मुख्य मार्गों पर ट्रकों को रुकवाते थे। वे चालकों पर निम्नलिखित आरोप लगाकर डराते-धमकाते थे:
- ओवरलोडिंग: गाड़ी में क्षमता से अधिक माल होने का डर दिखाना।
- बिना TP (Transit Pass): वैध दस्तावेज न होने का बहाना बनाकर भारी जुर्माने की धमकी देना।
पकड़े जाने के डर से और कानूनी पचड़ों से बचने के लिए कई ट्रक चालक इन्हें मोटी रकम दे देते थे।
पुलिस की कार्रवाई
मुखबिर की सूचना और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने जाल बिछाया। चेकिंग के दौरान जब संदिग्धों से पूछताछ की गई और उनके पहचान पत्रों की जांच हुई, तो उनकी असलियत सामने आ गई। आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज और वसूली की गई नकद राशि बरामद होने की भी खबर है।
संपादकीय टिप्पणी: सड़कों पर फर्जी अधिकारी बनकर अवैध वसूली की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ‘सत्य संवाद समाचार’ सभी वाहन चालकों से अपील करता है कि किसी भी अधिकारी को भुगतान करने से पहले उनकी आधिकारिक आईडी और रसीद की मांग अवश्य करें।
प्रमुख बिंदु:
- आरोप: फर्जी माइनिंग ऑफिसर बनकर अवैध वसूली।
- तरीका: ओवरलोडिंग और बिना टीपी के नाम पर डराना।
- सत्य संवाद अलर्ट: संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, सत्य संवाद समाचार

