
पीएम मोदी पर आपत्तिजनक भाषा को लेकर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- ‘ये किस तरह के छात्र हैं?’
सत्य संवाद:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा और नारेबाजी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया है। संसद भवन परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंडी से सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों की भाषा और रवैये पर सवाल उठाए हैं।
‘लोकतंत्र में आपत्तिजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं’
कंगना रनौत ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी देश के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ अश्लील या आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से अमानवीय और अस्वीकार्य है।
उन्होंने छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा:
“हमने भी अपने छात्र जीवन में विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है, लेकिन यह किस तरह की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है? ये किस तरह के छात्र हैं और किस तरह के संस्कारों का प्रदर्शन कर रहे हैं? ऐसे कृत्य समाज और देश की छवि के लिए ठीक नहीं हैं।”
माता-पिता पर बोझ न बनने की दी सलाह
अपने बयान में कंगना ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के भविष्य पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा अपने करियर और आत्मनिर्भरता पर लगानी चाहिए, न कि अनर्गल विवादों में पड़कर अपने माता-पिता के लिए कानूनी और सामाजिक परेशानियां खड़ी करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ा राजनीतिक घमासान
कंगना रनौत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक ओर जहां भाजपा समर्थक उनके बयान का समर्थन करते हुए भाषा की गरिमा बनाए रखने की बात कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने कंगना की बयानबाज़ी और उनके शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई है।
