कटनी जिला अस्पताल की बदहाली: 4 दिन से खराब पड़ी है ब्लड बैंक की मशीन, मरीजों की जान जोखिम में!
कटनी (सत्य संवाद समाचार)। जिला अस्पताल कटनी के ब्लड बैंक से एक बेहद लापरवाह और चिंताजनक मामला सामने आया है। अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड टेस्ट करने वाली मुख्य ‘सेरोलॉजिकल मशीन’ पिछले 4 दिनों से खराब पड़ी हुई है। इस तकनीकी खराबी के कारण अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
रिपोर्ट के लिए 10-12 घंटे का इंतजार, जबलपुर भेजे जा रहे सैंपल
मशीन खराब होने की वजह से जिला अस्पताल में अब ब्लड का परीक्षण नहीं हो पा रहा है। नियमानुसार, बिना जांच रिपोर्ट के किसी भी मरीज को खून नहीं चढ़ाया जा सकता। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन द्वारा ब्लड सैंपल को जांच के लिए जबलपुर भेजा जा रहा है। जबलपुर से रिपोर्ट आने में 10 से 12 घंटे का लंबा समय लग रहा है। तब तक मरीजों को जिंदगी और मौत के बीच जूझना पड़ रहा है।
इमरजेंसी केसों में मंडराया ‘जान का खतरा’
ब्लड मिलने में हो रही इस भारी देरी के कारण सबसे ज्यादा खतरा इमरजेंसी मरीजों पर मंडरा रहा है:
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- डिलिवरी केस: प्रसव के दौरान अत्यधिक खून बहने की स्थिति में महिलाओं को तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है।
- थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे: इन मासूम बच्चों को एक निश्चित समय अंतराल पर खून चढ़ाना अनिवार्य होता है।
- एक्सीडेंट केस: सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है।
परिजनों का फूटा गुस्सा: अस्पताल परिसर में परेशान हो रहे मरीजों के परिजनों का कहना है कि “एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के अस्पताल में 4 दिन से मशीन सुधारी नहीं जा सकी है। अगर देरी की वजह से किसी मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?”
जल्द समाधान की जरूरत
सत्य संवाद समाचार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से यह सवाल पूछता है कि इतने संवेदनशील मामले में 4 दिन बीत जाने के बाद भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
मरीजों के हित में इस सेरोलॉजिकल मशीन को तत्काल ठीक कराने या नई मशीन की व्यवस्था करने की सख्त जरूरत है।
(सत्य संवाद समाचार – निष्पक्ष आवाज, आप तक।)

