श्रावण मास विशेष: जानिए सावन की पौराणिक महिमा, पूजा-विधि और इस महीने क्या करें और क्या न करें
सत्य संवाद नेटवर्क, धर्म डेस्क
लेखक: माधवेंद्र सिंह / मनीष सिंह
‘सत्य संवाद नेटवर्क’ परिवार और लेखक माधवेंद्र सिंह / मनीष सिंह की ओर से आपको, आपके पूरे परिवार को तथा सभी शहरवासियों को पावन सावन महीने की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान भोलेनाथ आप सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें!
भगवान शिव की भक्ति और आस्था का पावन महीना ‘श्रावण’ शुरू हो चुका है। चारों ओर मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूँज रहे हैं। सनातन परंपरा में सावन के महीने को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है। यह महीना न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है, बल्कि रिमझिम बारिश के साथ हरी-भरी होती प्रकृति भी महादेव के इस प्रिय मास का भव्य स्वागत करती है।
आइए जानते हैं सावन का पौराणिक महत्व, शिव कृपा पाने के अचूक उपाय और वे नियम जिनका इस दौरान पालन करना आवश्यक है।
सावन की विशेषता और पौराणिक महत्व
- भगवान शिव का प्रिय मास: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस दौरान की गई थोड़ी सी भी पूजा और साधना शीघ्र फलित होती है।
- प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य: वर्षा ऋतु के कारण पूरी प्रकृति शीतल, स्वच्छ और हरी-भरी हो जाती है, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकृति स्वयं महादेव का जलाभिषेक कर रही हो।
- समुद्र मंथन की कथा: पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकला भीषण ‘हलाहल विष’ भगवान शिव ने इसी मास में सृष्टि की रक्षा के लिए ग्रहण किया था। विष की जलन को शांत करने के लिए ही देवों ने उन पर जल अर्पित किया था, तभी से सावन में जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।
सावन में क्या करें? (विशेष नियम और पूजा-विधि)
- शिवलिंग पर जलार्पण: प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल, गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
- सोमवार व्रत का संकल्प: श्रावण सोमवार का व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें।
- मंत्रों का जाप: दिन में समय निकालकर ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करें। इससे मानसिक शांति और ऊर्जा मिलती है।
- सात्विक आहार: सावन के महीने में शुद्ध शाकाहारी, सुपाच्य और सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
सावन में क्या न करें? (रखें विशेष ध्यान)
- तामसिक भोजन से दूरी: इस पवित्र महीने में मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन पूरी तरह से वर्जित माना गया है।
- बाल व नाखून काटने से बचें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान बाल, दाढ़ी या नाखून नहीं काटने चाहिए।
- खंडित सामग्री न चढ़ाएं: शिवलिंग पर कभी भी हल्दी, कुमकुम या कटा-फटा (खंडित) बेलपत्र न चढ़ाएं।
- आचरण में शुद्धता रखें: किसी के प्रति कठोर वचन न बोलें, न ही किसी का अपमान करें। क्रोध, अहंकार और हिंसा से पूरी तरह दूर रहें।
सत्य संवाद संदेश:
भगवान भोलेनाथ आप सभी की हर मनोकामना पूरी करें और आपके जीवन में सुख, शांति व समृद्धि लाएं। हर-हर महादेव!
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