53वीं बार रक्तदान कर सचिन डेंगरे ने बचाई जरूरतमंद की जान, समाज सेवा में मिसाल बना परिवार
कटनी/भोपाल
“रक्तदान महादान” — इस पंक्ति को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर इसे अपने जीवन का ध्येय बना चुके महान स्वयंसेवी व समाजसेवी सचिन डेंगरे जी ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। आज उन्होंने अपना 53वां रक्तदान कर एक अत्यंत जरूरतमंद मरीज की जान बचाई।
सचिन डेंगरे जी का मानना है कि किसी व्यक्ति को समय पर रक्त देकर नया जीवन देना ही संसार का सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है।
स्वास्थ्य बीमा से जीवन सुरक्षा, समाज सेवा से मानवता की सेवा
पेशे से स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) सलाहकार के रूप में कार्यरत सचिन जी एक तरफ लोगों को आर्थिक व स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा प्रदान करते हैं, तो दूसरी तरफ अपने सेवाभावी स्वभाव से समाज कल्याण में लगातार सक्रिय रहते हैं।
उनकी समाज सेवा की यात्रा केवल रक्तदान तक ही सीमित नहीं है:
- गौ सेवा एवं सहयोग: वह निरंतर गौ सेवा में लीन रहते हैं तथा गौ माता की उचित देखभाल और संरक्षण के लिए आवश्यक दान-पुण्य एवं सहयोग में सदैव अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
- रक्तदान एवं आपातकालीन सेवा: जब भी किसी मरीज को आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता होती है, सचिन जी तुरंत पहुंचकर मदद के लिए तत्पर हो जाते हैं।
प्रेरणास्रोत बना डेंगरे परिवार
सचिन डेंगरे जी के साथ-साथ उनका पूरा परिवार भी समय-समय पर रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाता आ रहा है। उनका परिवार आज समाज के युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए एक मिसाल बन चुका है।
सचिन डेंगरे जी के निस्वार्थ व्यक्तित्व और सेवा भावना के बारे में जितना भी कहा जाए, वह कम है। ‘सत्य संवाद समाचार’ परिवार सचिन जी और उनके परिवार के इस पावन व अनुकरणीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करता है एवं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता है।
- रिपोर्ट: सत्य संवाद समाचार नेटवर्क

