अकल्पनीय, अप्रतिम महाप्रभु की रथ यात्रा: कटनी बना उड़ीसा धाम, झूम उठे श्रद्धालु
कटनी (सत्य संवाद)।
अकल्पनीय, अप्रतिम और महाप्रभु की दिव्य संरचना से युक्त कटनी नगरी विगत दिनों पूरी तरह से उड़ीसा के पुरी धाम में तब्दील हो गई। अवसर था प्रभु जगन्नाथ की अति महामहिम्न रथ यात्रा का, जो प्रत्यक्ष कृपा की अद्भुत अनुभूति कराते हुए भव्यता के साथ संपन्न हुई।
मनोहारी श्रृंगार और मौसम का अनोखा संयोग
रथ यात्रा के शुभ अवसर पर बलदाऊ भैया, सुभद्रा मैया और भगवान जगन्नाथ जी का अत्यंत भव्य व मनोहारी श्रृंगार किया गया। प्रभु के सुसज्जित रथ पर विराजते ही प्रकृति ने भी अनोखा स्वागत किया। मंद-शीतल पवन के झोंकों ने जब श्रद्धालुओं को स्पर्श किया, तो ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो महाप्रभु स्वयं अपने दोनों हाथों से भक्तों पर कृपा बरसा रहे हैं। इसके तुरंत बाद हुई अमृत जल की पावन वर्षा ने जन-जन को यह दिव्य अनुभव कराया कि कटनी की धरा पर रथ के आगे साक्षात सुचिता और पवित्रता का प्रवाह हो रहा है।
निःस्वार्थ सेवा और एकजुटता की मिसाल
इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन की सफलता के पीछे श्री जगदीश स्वामी मंदिर ट्रस्ट कमेटी, कटनी के सभी सदस्यों की निःस्वार्थ सेवा, अद्वितीय लगन और अटूट समर्पण रहा। इसके साथ ही संपूर्ण कटनी नगर के नागरिकों का अपार प्रेम, सद्भावना और एकजुटता इस यात्रा में साफ दिखाई दी। विशेष रूप से मातृशक्ति (महिला मंडल) की अद्भुत सेवा भावना ने इस धार्मिक अनुष्ठान में चार चांद लगा दिए।
“सच्चाई तो यही है कि हुआ वही जो स्वयं प्रभु जगन्नाथ को करना था, परंतु करुणामयी महाप्रभु ने अपनी इस लीला का सारा श्रेय अपने भक्तों और सेवकों को दे दिया।”
समितियों ने जताया आभार, किया नमन
इस पावन अवसर पर कटनी की प्रमुख सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं—क्षत्रिय सेवा समिति कटनी, श्री बजरंग बाल रामायण समाज सेवा समिति (BBRS) कटनी, महिला मंडल BBRS परिवार कटनी, श्री बधाई उत्सव कमेटी कटनी, एवं श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल कटनी ने रथ यात्रा में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी भक्तों एवं सेवादारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
समितियों ने संयुक्त रूप से कहा कि, “हम सभी सेवादारों की इस निश्छल सेवा को कोटि-कोटि दंडवत प्रणाम करते हैं। महाप्रभु जगन्नाथ जी से प्रार्थना है कि आप सभी का परिवार सदा मंगल और सुमंगल से परिपूर्ण रहे, यही हमारी आत्मीय शुभेच्छा है।”
जय जगन्नाथ!

