देवरिया: “स्कूल की कई लड़कियां हैं निशाने पर”, कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी के दरबार में गूंजा ‘लव जिहाद’ और शोषण का मामला
- कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज के सामने देवरिया की 16 वर्षीय छात्रा ने बयां की अपनी आपबीती।
- पैसे ऐंठने और शारीरिक शोषण का लगा आरोप, पीड़ित छात्रा ने कहा- “उसी के चक्कर में हाईस्कूल में हो गई फेल।”
- पूरे स्कूल की छात्राओं को जाल में फंसाने का दावा, अनिरुद्ध आचार्य जी ने सनातन समाज और अभिभावकों से की सचेत रहने की अपील।
उत्तर प्रदेश (देवरिया)।
लव जिहाद और नाबालिग बच्चियों के बहलावे-फुसलावे के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला विख्यात कथावाचक पूज्य श्री अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज के दरबार में सामने आया है, जहां उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली एक 16 वर्षीय हिंदू नाबालिग लड़की ने अपनी आपबीती सुनाते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी ने इसे जमीनी स्तर पर पैर पसार रहा ‘लव जिहाद’ का एक गंभीर रूप बताया और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोस्ती के बहाने जाल में फंसाने का आरोप
वीडियो में पीड़िता ने अपना नाम सोनम यादव (परिवर्तित नाम) बताते हुए कहा कि वह देवरिया जिले के मरौटा गांव की रहने वाली है। उसने बताया कि करीब दो साल पहले जब वह स्कूल जाती थी, तब आशिक अंसारी नाम के एक 18 वर्षीय युवक ने उससे दोस्ती की थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसा लिया।
छात्रा ने बताया कि इस चक्रव्यूह में फंसने के कारण उसकी पढ़ाई पूरी तरह बर्बाद हो गई और वह हाईस्कूल की परीक्षा में फेल हो गई।
घर से पैसे चुराने और शारीरिक शोषण की बात आई सामने
दरबार में हुई बातचीत के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपी युवक ने लड़की से रुपयों की मांग की थी, जिसके बाद छात्रा ने अपनी मां के पैसे चुराकर करीब 29 हजार रुपये उस युवक को दे दिए। इसके साथ ही, छात्रा ने स्वीकार किया कि आरोपी द्वारा उसका शारीरिक शोषण भी किया गया।
इस पर गुरुजी अनिरुद्ध आचार्य जी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग पहले पैसे मांगते हैं और फिर छोटी उम्र की बच्चियों को बहलाते हैं, वे बाद में उन्हें धोखा देकर गलत दलदल में धकेल देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर तुरंत पुलिस केस होना चाहिए।
”स्कूल की कई अन्य लड़कियां भी हैं संपर्क में”
लड़की ने एक और बेहद डराने वाला खुलासा करते हुए बताया कि केवल वही नहीं, बल्कि उसकी क्लास की कई अन्य लड़कियां भी उस समुदाय के लड़कों के संपर्क में थीं और उनसे बातें करती थीं।
जब अनिरुद्ध आचार्य जी ने पूछा कि स्कूल सरकारी है या प्राइवेट, तो लड़की ने बताया कि वह एक प्राइवेट स्कूल है, जो उनके अपने ही समाज (यादव समाज) के किसी व्यक्ति का है। इस पर चिंता जताते हुए गुरुजी ने कहा कि जब स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को यह पता है कि बच्चियां किस दिशा में जा रही हैं, तो इस पर कड़ा संज्ञान क्यों नहीं लिया जाता?
गुरुजी अनिरुद्ध आचार्य जी की सनातन समाज से अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनिरुद्ध आचार्य जी ने व्यासपीठ से देश के सभी अभिभावकों और सनातन समाज से अपील की:
”हिंदू समाज को जातियों में बंटने के बजाय अपने बच्चों के संस्कारों और उनकी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। माता-पिता को यह देखना होगा कि उनकी बेटियां स्कूल जाकर क्या कर रही हैं। बच्चों को समय रहते सही-गलत की पहचान कराना बेहद जरूरी है ताकि वे ऐसे किसी जाल में न फंसें।”
इस घटना के सोशल मीडिया पर आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग पीड़ित परिवार की सुरक्षा तथा आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
– ‘सत्य संवाद’ ब्यूरो रिपोर्ट।

