
कटनी में अवैध उत्खनन पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’: खनिज के अवैध परिवहन को रोकने के लिए एआई (AI) चेकपोस्ट शुरू
कटनी। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कटनी में अत्याधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) चेकपोस्ट की शुरुआत की गई है। यह कदम जिले में खनिज संपदा की चोरी रोकने और राजस्व की क्षति को कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कैसे काम करेगा यह हाई-टेक सिस्टम?
यह चेकपोस्ट पूरी तरह से ऑटोमेटेड है और आधुनिक कैमरों व सेंसर्स से लैस है। इसमें लगे AI कैमरे गुजरने वाले हर खनिज वाहन की नंबर प्लेट को ऑटोमैटिक रीड करेंगे। सिस्टम तुरंत डेटाबेस से मिलान करेगा कि संबंधित वाहन के पास वैध रॉयल्टी पर्ची (E-TP) है या नहीं।
बिना रॉयल्टी वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई
यदि कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के या निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज लेकर निकलता है, तो एआई सिस्टम तुरंत उसे डिटेक्ट कर लेगा। इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों को मिल जाएगी, जिससे मौके पर ही कार्रवाई करना आसान होगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
अवैध परिवहन माफियाओं में हड़कंप
कटनी जिला खनिज बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहाँ अक्सर अवैध परिवहन की शिकायतें मिलती रहती हैं। प्रशासन द्वारा एआई चेकपोस्ट की शुरुआत किए जाने से अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के प्रयोग से न केवल अवैध परिवहन पर रोक लगेगी, बल्कि शासन के राजस्व में भी भारी बढ़ोत्तरी होगी।
कलेक्टर के निर्देश पर सख्त निगरानी
जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम इस पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग कर रही है। आने वाले समय में जिले के अन्य संवेदनशील रास्तों पर भी इसी तरह के एआई आधारित चेकपोस्ट लगाए जाने की योजना है, ताकि जिले की सीमाओं को पूरी तरह ‘डिजिटल लॉक’ किया जा सके।
संपादकीय टिप्पणी: तकनीक का यह समन्वय भ्रष्टाचार को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए एक सराहनीय कदम है।
