बरगी डैम क्रूज हादसा: मौत के आगोश में भी मां ने बेटे को नहीं छोड़ा, सीने से लिपटे मिले शव; अब तक 9 की मौत
जबलपुर/बरगी: बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे का सबसे हृदयविदारक मंजर तब सामने आया, जब बचाव दल ने गहरे पानी से एक मां और उसके चार साल के मासूम बेटे का शव बाहर निकाला। मौत के उन खौफनाक पलों में भी मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से कसकर लगा रखा था। इस भावुक कर देने वाले दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद गोताखोरों और अधिकारियों की भी रूह कांप उठी।
9 परिवारों में पसरा मातम
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और जलमग्न तो नहीं है।

रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी से बची 23 जानें
राहत की बात यह रही कि रेस्क्यू टीम और स्थानीय नाविकों की त्वरित कार्रवाई के चलते 23 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाए गए लोगों में से कुछ की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।
कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह हुए भावुक
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह भी मां-बेटे के शव को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने इस घटना को अपूरणीय क्षति बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय और गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, क्रूज पर क्षमता से अधिक यानी करीब 32 से 35 लोग सवार थे। अचानक आए आंधी-तूफान और मौसम के बिगड़े मिजाज के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया।
प्रशासनिक सख्त कदम और सहायता:
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
- बांध में संचालित होने वाले सभी क्रूज और नौकाओं के फिटनेस सर्टिफिकेट की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
- जांच दल इस बात की पुष्टि कर रहा है कि क्या क्षमता से अधिक सवारी बैठाना हादसे का मुख्य कारण बना।
सत्य संवाद समाचार के लिए जबलपुर से रिपोर्ट।

