“भारतीय सैनिक के परिवार के सम्मान की रक्षा में आगे आया भारतीय जनता युवा मोर्चा”

पन्ना मोड़ पर हंगामा: बिना लिखित आदेश बुलडोजर लेकर पहुंचा नगर निगम, भाजपा नेताओं ने मौके पर रुकवाई कार्रवाई

​* युवा भाजपा नेताओं ने अतिक्रमण दस्ते को घेरा; पूछा- “बिना नोटिस और आदेश के कार्रवाई कैसे?”

कटनी (सत्य संवाद):

शहर के पन्ना मोड़ क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता दलबल और बुलडोजर लेकर अचानक कार्रवाई करने पहुंच गया। बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित प्रशासनिक आदेश के शुरू की जा रही इस कार्रवाई को देखकर स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों में हड़कंप मच गया।

​घटना की जानकारी मिलते ही युवा भाजपा नेता मृदुल मिश्रा अपने समर्थकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम की इस एकतरफा और नियम विरुद्ध कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए बुलडोजर को मौके पर ही रुकवा दिया।

बिना आदेश और नोटिस के पहुंचे थे अधिकारी

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर निगम का अतिक्रमण अमला बिना किसी पूर्व चेतावनी या लिखित आदेश के पन्ना मोड़ स्थित दुकानों और ढांचों को हटाने बुलडोजर लेकर पहुंच गया था। जैसे ही दस्ते ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की, दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही तैयारी का समय मिला।

भाजपा नेता मृदुल मिश्रा ने दिखाया आइना

​मौके पर पहुंचे युवा भाजपा नेता मृदुल मिश्रा ने नगर निगम के अधिकारियों से सीधी बात की और कार्रवाई का लिखित आदेश दिखाने को कहा। जब अधिकारी कोई वैधानिक आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके, तो मृदुल मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बिना नोटिस और लिखित आदेश के आम जनता या व्यापारियों पर इस तरह की मनमानी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

​उनके कड़े रुख और विरोध के आगे नगर निगम के अतिक्रमण अमले को पीछे हटना पड़ा और बिना किसी तोड़फोड़ के बुलडोजर वापस लौटना पड़ा।

व्यापारियों ने ली राहत की सांस

​भाजपा नेताओं के समय पर हस्तक्षेप और कड़े विरोध के बाद कार्रवाई रुकने से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने राहत की सांस ली। व्यापारियों ने कहा कि वे नियमानुसार प्रशासन का सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन बिना नोटिस और बिना प्रक्रिया का पालन किए इस तरह की कार्रवाई से उनके व्यवसाय और आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।

सत्य संवाद की नजर से:

प्रशासन का काम शहर की व्यवस्था बनाना है, लेकिन नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार कर की जाने वाली कार्रवाई से जनता में आक्रोश पनपता है। पन्ना मोड़ की घटना यह साबित करती है कि जनप्रतिनिधियों और सजग नेताओं का हस्तक्षेप प्रशासनिक मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कितना आवश्यक है।

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