दद्दा धाम में फिर चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
दद्दा धाम में अज्ञात चोरों का फिर धावा, डिप्टी कलेक्टर के घर को बनाया निशाना
कटनी सत्य संवाद
दद्दा धाम में एक बार फिर चोरी की घटना सामने आने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार, छतरपुर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ विजय द्विवेदी जी के दादा धाम स्थित घर में बीती रात अज्ञात चोरों ने दूसरी बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घर से चोर अपने साथ क्या-क्या सामान ले गए हैं। मामले की पूरी जानकारी और चोरी गए सामान का वास्तविक आंकड़ा संबंधित परिवार अथवा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
लेकिन इस घटना ने दादा धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एक ही घर में दूसरी बार चोरी हो जाती है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि दादा धाम में रहने वाले लोगों और उनके घरों की सुरक्षा के लिए आखिर क्या इंतजाम किए गए हैं?
दादा धाम में समिति द्वारा समय-समय पर सुरक्षा, व्यवस्था, सुविधाओं और विभिन्न आयोजनों के नाम पर लोगों से राशि लिए जाने की बात सामने आती रही है। ऐसे में अब स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि समिति द्वारा राशि ली जाती है, तो उसके बदले सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
क्या दादा धाम में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी कैमरे, रात्रि गश्त और प्रवेश-निकास की निगरानी की व्यवस्था है? यदि व्यवस्था है तो इसके बावजूद बार-बार चोरी की घटनाएं कैसे हो रही हैं?
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि दादा धाम की नवनियुक्त समिति द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि, इस संबंध में समिति का पक्ष सामने आना भी आवश्यक है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि दादा धाम की समिति की प्राथमिकता केवल आर्थिक गतिविधियां और आयोजन हैं या यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी उसकी जिम्मेदारी का हिस्सा है?
यदि सुरक्षा के नाम पर लोगों से राशि ली जाती है, तो उस राशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया जा रहा है, इसका पारदर्शी विवरण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
बार-बार होने वाली चोरी की घटनाएं निश्चित रूप से चिंता का विषय हैं। अब आवश्यकता है कि समिति और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दादा धाम में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी घटना का सामना न करना पड़े।
दद्दा धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर अब जवाब जरूरी है।

