​कटनी की उपेक्षा! 12 ट्रेनों का नहीं है स्टॉपेज, यात्रियों को सतना-जबलपुर की दौड़ लगाने की मजबूरी।

कटनी की उपेक्षा! शहर को ‘मुंह चिढ़ाकर’ गुजर जाती हैं 24 ट्रेनें, कटनी विकास समिति ने रेलवे GM से मांगा हक

कटनी। देश के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में से एक होने के बावजूद कटनी आज भी अपनी जायज सुविधाओं के लिए तरस रहा है। शहर से होकर गुजरने वाली 12 जोड़ी (कुल 24) लंबी दूरी की ट्रेनें कटनी में बिना रुके निकल जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर ‘कटनी विकास समिति’ ने मोर्चा खोल दिया है।

लाइन क्लियर न होने पर खड़ी रहती हैं ट्रेनें, पर यात्रियों को चढ़ने की अनुमति नहीं

​कटनी विकास समिति ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) दिलीप कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि ये ट्रेनें कटनी जंक्शन से होकर गुजरती हैं, लेकिन इनका यहाँ ठहराव नहीं है। ताज्जुब की बात यह है कि कई बार लाइन क्लियर न होने की वजह से ये ट्रेनें कटनी के आउटर या प्लेटफॉर्म पर खड़ी रहती हैं, फिर भी यहाँ के यात्री इनमें सफर नहीं कर सकते। समिति ने मांग की है कि इन ट्रेनों को कम से कम 2 मिनट का प्रायोगिक ठहराव (Stoppage) दिया जाए।

100 किमी दूर जबलपुर या सतना जाने को मजबूर शहरवासी

​समिति ने अपनी शिकायत में कहा कि 15 लाख की आबादी वाले कटनी जिले के यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए 100 किलोमीटर दूर जबलपुर या सतना जाना पड़ता है। इनमें से अधिकांश ट्रेनें जबलपुर और सतना में रुकती हैं, लेकिन कटनी की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इससे न केवल यात्रियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है, बल्कि रेलवे को भी हजारों यात्रियों के टिकट राजस्व का नुकसान हो रहा है।

व्यापारिक केंद्र होने के बाद भी भेदभाव क्यों?

​ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि कटनी न केवल एक बड़ा रेलवे जंक्शन है, बल्कि मध्य प्रदेश का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र भी है। यहाँ से पांच अलग-अलग दिशाओं के लिए रेल मार्ग निकलते हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव न होना शहर के विकास में बाधा बन रहा है।

विकास समिति का संकल्प:

समिति के सदस्यों का कहना है कि जब तक शहर की इन महत्वपूर्ण मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस ज्ञापन के बाद जागता है या कटनी के यात्रियों को आगे भी इसी तरह ‘आउटर’ पर खड़ी ट्रेनों को देख कर ही संतोष करना पड़ेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: सत्य संवाद समाचार

स्थान: कटनी (म.प्र.)

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