सत्य संवाद न्यूज डेस्क​

शिव-शक्ति और विघ्नहर्ता की भक्ति में डूबा अंचल: तीजा (हरितालिका तीज) और गणेशोत्सव की धूम, सुख-समृद्धि की कामना

​भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आस्था, समर्पण और उल्लास के दो बड़े पर्व—तीजा (हरितालिका तीज) और गणेश चतुर्थी एक साथ मनाए जा रहे हैं। एक ओर जहाँ सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती और शिव जी की आराधना की, वहीं दूसरी ओर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ घर-घर और पंडालों में विघ्नहर्ता श्री गणेश विराजित हुए हैं।

​अटूट आस्था और तपस्या का पर्व: तीजा

​सनातन परंपरा में तीजा (हरितालिका तीज) का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अन्न-जल का त्याग कर अत्यंत कठिन तपस्या की थी। उनके इस अनन्य प्रेम और समर्पण से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें स्वीकार किया था।

  • ​निर्जला व्रत व सोलह श्रृंगार: महिलाओं ने 24 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखकर, नए वस्त्र व आभूषण धारण कर अपने सुहाग की दीर्घायु और सुख-शांति की कामना की।
  • ​बालू-मिट्टी के शिव-पार्वती: शाम के समय बालू व मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाएं बनाकर बेलपत्र, फूल व फलों से विशेष पूजा-अर्चना की गई और रात भर रतजगा कर भजन-कीर्तन किए गए।

​बुद्धि और समृद्धि के देव का आगमन: गणेश चतुर्थी

​तीजा के पावन समापन के साथ ही दसों दिशाएं ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठीं। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।

  • ​घर-घर विराजित हुए बप्पा: ढोल-नगाड़ों और गुलाल के साथ भक्त अपने आराध्य की प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ घरों और भव्य पंडालों में स्थापित कर रहे हैं।
  • ​मोदक और दूर्वा का भोग: बुद्धि और सौभाग्य के दाता गणेश जी को उनकी प्रिय ‘दूर्वा’ अर्पित कर तरह-तरह के मोदक और लड्डुओं का भोग लगाया जा रहा है।
  • ​10 दिवसीय उत्सव की शुरुआत: यह उत्सव अनंत चतुर्दशी तक चलेगा, जिसके बाद बप्पा को अगले वर्ष पुनः आने के संकल्प के साथ जल में विसर्जित किया जाएगा।

​सत्य संवाद संदेश

​तीजा जहाँ नारी शक्ति, समर्पण और वैवाहिक सुख का संदेश देता है, वहीं गणेश चतुर्थी सामाजिक एकता और नई शुरुआत का प्रतीक है। मां पार्वती और उनके पुत्र गणेश जी की यह आराधना पूरे शिव परिवार के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा को दर्शाती है।

​‘सत्य संवाद नेटवर्क’ अपने सभी पाठकों व नगरवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और निरोगी काया की मंगल कामना करता है। प्रभु आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

 

​(संवाददाता: सत्य संवाद डिजिटल ब्यूरो)