
साइबर अपराध पर कटनी पुलिस का बड़ा प्रहार: फर्जी सिम एक्टिवेट कर ठगों को बेचने वाला PoS एजेंट गिरफ्तार, 98 सिम और बायोमेट्रिक मशीन जब्त
कटनी (सत्य संवाद)। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) से मिले अहम इनपुट के आधार पर कटनी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और डीएसपी (अजाक) शिवा पाठक के मार्गदर्शन में थाना माधवनगर पुलिस और जिला साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन FAST-2.0’ (Forged Activated SIM Termination) के तहत कार्रवाई करते हुए एक फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश कर Point of Sale (PoS) एजेंट को गिरफ्तार किया है।
धोखे से हासिल करता था फिंगरप्रिंट और दस्तावेज
पुलिस जांच में सामने आया कि खेरमाई मंदिर, लखेरा (मुड़वारा) निवासी आरोपी आकाश गुप्ता आम नागरिकों को गुमराह और प्रलोभित कर बिना उनकी जानकारी के उनके आधार कार्ड, फोटो और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट एकत्र कर लेता था। इन दस्तावेजों और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर वह गैरकानूनी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करता और फिर उन्हें साइबर अपराधियों व संदिग्ध व्यक्तियों को ऊंचे दामों पर बेच देता था।
विवेचना में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पूनम बेन (निवासी महाराणा प्रताप वार्ड) और अंजुम परवीन (निवासी रामनिवास वार्ड) के दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी सिम एक्टिवेट कराई थीं। तकनीकी जांच में पुष्टि हुई है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में घटित साइबर फ्रॉड के मामलों में किया जा रहा था।
कड़ी पूछताछ में कबूला जुर्म, कई धाराओं में मामला दर्ज
थाना प्रभारी माधवनगर शैलेंद्र सिंह यादव और साइबर सेल की टीम ने घेराबंदी कर आकाश गुप्ता को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के सामने उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना माधवनगर में अपराध क्रमांक 948/26, धारा 318(4), 316(2) बीएनएस (BNS), 66(सी) आईटी एक्ट तथा दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(e) एवं 42(6) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी ने गिरोह में शामिल अपने एक अन्य साथी का भी नाम उगला है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
जब्त सामग्री:
- सिम कार्ड: 98 नग (Airtel एवं Vi)
- बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन: 1 नग
- मोबाइल फोन: 3 नग (OnePlus, OPPO एवं Samsung)
- अडैप्टर: 1 नग
सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में माधवनगर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह यादव, उप निरीक्षक योगेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक विनोद विश्वकर्मा, आशीष श्रीवास, आरक्षक लोकेश सिंह, मणी सिंह, मयंक सिंह तथा साइबर सेल से प्रधान आरक्षक विभव शुकोरी व आरक्षक दीपक की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।
