कल 21 अगस्त 2026 को दिल्ली में जंतर-मंतर पर सामान्य वर्ग तथा क्रीमी लेयर वाले पिछड़ा वर्ग का विशाल प्रदर्शन हुआ। लेकिन यह खबर आज के किसी समाचारपत्र में देखने में नहीं आयी।कल भी प्रमुख मीडिया चैनलों में यह खबर नहीं थी ऐसा लोगों ने बताया है। मैं तो टीवी देखता नहीं इसलिए मुझे मालूम नहीं।
आरोप लगाये जाते हैं कि मीडिया संस्थानों में सामान्य वर्ग का ही कब्जा है। यदि ऐसा होता तो हम इतने उपेक्षित नहीं होते। किसी मोहल्ले में सौ पचास आदमी छोटी-मोटी समस्या को लेकर नारेबाजी करने लगें तो वह खबर भी मीडिया में आ जाती है लेकिन सामान्य वर्ग के इतने बड़े प्रदर्शन की खबर नहीं आती।
यह खुशी की बात है कि इस प्रदर्शन में सभी राज्यों के सामान्य वर्ग के लिए काम कर रहे छोटे बड़े सभी संगठन शामिल हुए।
प्रदर्शन गरिमामय और शांतिपूर्ण था। कोई गाली-गलौज अभद्रता किसी भी वर्ग के खिलाफ कोई नारेबाजी इत्यादि कुछ नहीं हुआ।
सामान्य वर्ग का प्रदर्शन आरक्षण के खिलाफ नहीं है आरक्षण को सुधारने के लिए है। आरक्षण वास्तविक हकदारों तक पहुंचे। आरक्षण तुष्टिकरण और तृप्तीकरण का साधन न बने।
सामान्य वर्ग भी इस देश का नागरिक,करदाता और मतदाता है। संविधान में दिया गया समानता का अधिकार हमारे लिए भी है।हम किसी वर्ग की कोई सुविधा छीनना नहीं चाहते लेकिन हम चाहते हैं कि वह सुविधा हमें और हमारे बच्चों को भी मिले। केवल सामान्य वर्ग में पैदा होने के कारण हम और हमारे बच्चे दण्ड के भागी न बनें।
केंद्र सरकार में और सभी राज्य सरकारों में सामान्य वर्ग कल्याण विभाग गठित होना चाहिए। हमारे लिए भी बजट हो, हमारे लिए भी कल्याणकारी योजनाएं हों हमारे बच्चों के लिए भी योजनाएं हों।
अधिकार सम्पन्न सामान्य वर्ग आयोग हो जो हमारे साथ होने वाले भेदभाव की सुनवाई करे। हमारे देवी देवताओं, धर्म ग्रंथों, ऋषि मुनियों के बारे में अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सामान्य वर्ग एट्रोसिटी एक्ट हो। अल्पसंख्यक वर्ग हमसे अच्छी स्थिति में है उसे अल्पसंख्यक की योजनाओं का भी लाभ मिलता है और पिछड़ा वर्ग एससी-एसटी वर्ग की योजनाओं का लाभ भी मिलता है। वे अल्पसंख्यक भी हैं और एससी-एसटी पिछड़ा भी हैं। और हम न अल्पसंख्यक में आते हैं और न बहुसंख्यक में। आखिर हम आपके हैं कौन? इस देश की रक्षा और अपने धर्म संस्कृति की रक्षा सदियों से करते रहने का यह प्रतिफल हमें मिलना था।
बहरहाल शुरुआत अच्छी हुई है। सभी को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
बहुत ही एतिहासिक रहा गाटर घाट कजलियां मेला उत्सव कार्यक्रम
आभार अभिनंदन आभार बहुत ही एतिहासिक रहा गाटर घाट कजलियां मेला उत्सव कार्यक्रम इस सफ़लता के पीछे7 वर्षों का संघर्ष मेहनत अर्थ समय सब लगा तब जाकर शहर को विलुप्त…

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