
करोड़पति निकला बाबू! लोकायुक्त छापे में 543% अधिक संपत्ति का खुलासा, पत्नी के नाम भी बेनामी प्रॉपर्टी
सिवनी प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ बाबू सुभाष शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त का शिकंजा, वैध आय से कई गुना ज्यादा निकली ₹6.20 करोड़ की काली कमाई।
जबलपुर/सिवनी | सत्य संवाद
क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र, सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू सुभाष शर्मा के ठिकानों पर शनिवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ा छापा मारा। आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले और विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच और दस्तावेजों की छानबीन में आरोपी बाबू के पास से 543.19% अनुपातिकहीन (आय से अधिक) संपत्ति पाई गई है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹6.20 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
लोकायुक्त की टीमों ने गोहलपुर (त्रिमूर्ति नगर) स्थित सुभाष शर्मा के मुख्य निवास और पाटन के ग्राम लोहारी स्थित फार्म हाउस पर एक साथ दबिश दी।
₹6.20 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी बाबू ने अपनी काली कमाई छुपाने के लिए अधिकांश संपत्तियां अपनी पत्नी शीला शर्मा के नाम पर दर्ज करा रखी थीं।
- करमेता: 4,581 वर्गफीट भूमि — अनुमानित कीमत ₹2.88 करोड़
- पाटन (ग्राम लोहारी): आलीशान फार्म हाउस एवं मकान — कीमत लगभग ₹1.64 करोड़
- अंबेडकर कॉलोनी: पत्नी के नाम पर 4,800 वर्गफीट भूमि — कीमत लगभग ₹65 लाख
- गोहलपुर: बेशकीमती भूमि — कीमत लगभग ₹48.48 लाख
- पाटन (ग्राम मुरगवां): पत्नी के नाम पर भूमि — कीमत लगभग ₹25.91 लाख
- पारस कॉलोनी: 1,500 वर्गफीट का मकान — कीमत लगभग ₹10 लाख
लाखों के जेवर और 6 बैंक खाते मिले
- सोने-चांदी के जेवरात: घर की तलाशी के दौरान करीब ₹15 से ₹20 लाख मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं, जिनका अंतिम मूल्यांकन किया जा रहा है।
- बैंक खाते: जांच में कुल 6 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें से 2 खाते सुभाष शर्मा और 4 खाते उनकी पत्नी के नाम पर हैं। इन खातों में जमा राशि और लेन-देन के ब्योरे के लिए बैंकों को पत्र लिखा गया है।
18 की उम्र में लगी थी नौकरी, वेतन मात्र ₹1 करोड़
सूत्रों के अनुसार, सुभाष शर्मा को वर्ष 1989 में महज 18 वर्ष की आयु में अनुकंपा आधार पर सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति मिली थी। वर्ष 2012 में पदोन्नत होकर वह ‘सहायक ग्रेड-2’ बना। अपनी पूरी सेवा अवधि के दौरान उसकी वैध वेतन आय लगभग ₹1 करोड़ के आसपास आंकी गई है, जबकि उसके पास से मिली संपत्ति का आंकड़ा ₹6 करोड़ को पार कर गया। अभी उसकी सेवा के 6 साल बाकी हैं।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई है। जब्त दस्तावेजों के सूक्ष्म परीक्षण के बाद बेनामी संपत्ति का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
