
कटनी NKJ आउटर में कोयला चोरी का सनसनीखेज खुलासा: ‘रवि’ के इशारे पर खाली हो रहे रेल डिब्बे, साठगांठ के आरोप!
कटनी। भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण जंक्शनों में से एक, कटनी के एनकेजे (New Katni Junction) आउटर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ खाली रेल डिब्बों की साफ-सफाई की आड़ में कोयले से भरी मालगाड़ियों से रोजाना सैकड़ों टन कोयला चोरी होने का एक संगठित रैकेट चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इस पूरे काले कारोबार के पीछे ‘रवि’ नाम का एक शख्स मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो कटनी का ही निवासी है।
सफाई का ठेका… और चोरी का ‘मास्टर प्लान’
गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों और बड़े कारखानों में कोयले की सप्लाई के बाद, खाली डिब्बे (वैगन) कटनी पहुंचते हैं। रेलवे नियमानुसार इन खाली डिब्बों के कोनों में बचे-खुचे कोयले को साफ करने के लिए बकायदा टेंडर जारी करती है और ठेका देती है। ठेकेदार के मजदूरों का काम सिर्फ खाली डिब्बों को साफ करना होता है।
लेकिन, कटनी एनकेजे आउटर में इस जायज काम की आड़ में नाजायज खेल खेला जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सफाई के नाम पर यार्ड में दाखिल होने वाले लोग वहाँ से गुजरने वाली कोयले से लबालब भरी मालगाड़ियों को अपना निशाना बनाते हैं।
रोजाना सैकड़ों टन कोयले की चोरी, स्थानीय व्यापारियों से साठगांठ
बड़ा सवाल: क्या रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है यह सब?
सूत्रों का दावा है कि इस रैकेट के जरिए प्रतिदिन सैकड़ों टन उच्च गुणवत्ता वाला कोयला चुराया जाता है। चोरी के इस कोयले को कटनी के ही कुछ स्थानीय रसूखदार कोयला व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेच दिया जाता है। इस पूरे सिंडिकेट को कथित रूप से रवि नाम का शख्स ऑपरेट कर रहा है, जो रेलवे यार्ड से लेकर खरीदारों तक की चेन को संभालता है।
जिम्मेदारों की ‘मौन सहमति’ पर उठ रहे सवाल
कोयला चोरी का यह खेल कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से बेखौफ अंदाज में फल-फूल रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और कटनी की स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले से अनजान है?
इतने बड़े पैमाने पर हो रही चोरी और आज तक किसी बड़ी ठोस कार्रवाई का न होना, साफ तौर पर विभाग के कुछ नुमाइंदों की ‘मौन सहमति’ या ‘मिलीभगत’ की ओर इशारा करता है।
‘सत्य संवाद’ इस पूरे मामले पर निष्पक्ष नजर बनाए हुए है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद रेलवे के उच्च अधिकारी और स्थानीय प्रशासन इस कथित मास्टरमाइंड ‘रवि’ और उसके सिंडिकेट पर क्या एक्शन लेते हैं।
– ब्यूरो रिपोर्ट, सत्य संवाद (कटनी)
