एमपी में आतंकी साजिश नाकाम: मंदिरों और आर्मी कैंप को निशाना बनाने की फिराक में थे ISI से जुड़े संदिग्ध, एटीएस की बड़ी कार्रवाई
भोपाल/मध्यप्रदेश:
मध्यप्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से संपर्क रखने वाले कुछ संदिग्ध युवकों को लेकर सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि ये युवक प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और सैन्य ठिकानों (आर्मी कैंप) पर हमले की योजना बना रहे थे। एटीएस (ATS) और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
प्रमुख धार्मिक स्थल और सैन्य ठिकाने थे निशाने पर
पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ और उनके डिजिटल दस्तावेजों की जांच में यह बात निकलकर आई है कि उनके निशाने पर मध्यप्रदेश के अति-संवेदनशील धार्मिक स्थल और सेना के महत्वपूर्ण कैंप थे। वे इंटरनेट के माध्यम से सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और रेकी के माध्यम से इन स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटा रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए रची जा रही थी साजिश
सूत्रों के अनुसार, इन युवकों का ब्रेनवॉश सोशल मीडिया के जरिए किया गया था। इन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाया जा रहा था। उनके पास से कुछ संदिग्ध उपकरण और दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जो उनकी आतंकी साजिश की पुष्टि करते हैं।
प्रदेश में अलर्ट जारी
इस खुलासे के बाद मध्यप्रदेश के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से महाकाल मंदिर (उज्जैन), खंडवा और जबलपुर जैसे क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सेना के ठिकानों के आसपास भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
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ब्यूरो रिपोर्ट: सत्य संवाद समाचार

